भारतीय अधिकारियों का कहना है कि इस इज्तेमा के कारण देश में कोरोना वायरस बड़ी संख्या में फैला है। रोएटर्ज़ के अनुसार दिल्ली में स्थित तबलीग़ी जमात के केंद्र को सील कर दिया गया है जबकि इस संगठन के हज़ारों सदस्यों को क्वारंटाइन कर दिया गया है जिनमें अनेक विदेशी भी हैं। एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस ने आरंभिक तौर पर मरकज़ के प्रमुख मुहम्मद साद के ख़िलाफ़ बड़े आयोजनों पर प्रतिबंध के उल्लंघन के आरोप में मुक़द्दमा दर्ज किया था लेकिन अब उसमें आपराधिक सामूहिक हत्या की धाराएं भी शामिल कर दी गई हैं। पुलिस का कहना था कि दिल्ली पुलिस ने तबलीग़ी जमात के अमीर के ख़िलाफ़ दर्ज एफ़आईआर में धारा 304 भी शामिल कर ली है जिसमें आपराधिक सामूहिक हत्या का उल्लेख है जिसके अंतर्गत दस साल तक की सज़ा दी जा सकती है।
इस बीच तबलीग़ी जमात के प्रवक्ता मुजीबुर्रहमान ने यह कहते हुए इस पर प्रतिक्रिया देने से इन्कार कर दिया कि उन्हें नए आरोपों के बारे में भी कोई सूचना नहीं मिली है। उल्लेखनीय है कि दुनिया के 80 से अधिक देशों में तबलीग़ी जमात के सदस्य हैं और यह सुन्नी मुसलमानों की सबसे बड़ी धार्मिक संस्था मानी जाती है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि भारत में कोरोना वायरस के एक तिहाई मामले उन लोगों के हैं जो तबलीग़ी जमात के इज्तेमा में शामिल हुए थे या जिनका बाद में उनसे संपर्क हुआ था।